Sunday, October 9, 2016

क्या 2019 में केजरीवाल मोदी के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं?

मोदी के भारत विजय के बाद जो हवा चल रही थी कि मोदी और शाह अजेय है उसको खत्म करने वाला अगर कोई शख़्स था तो वह था अरविंद केजरीवाल ! एक नई नवेली पार्टी ने राजनीति के सारे गुर सीख चुकि बीजेपी को दिल्ली में धूल चटा दी और कांग्रेस का नामोनिशान भी मिटा दिया

लेकिन क्या यही पार्टी 2019 के लोकसभा चुनावों में कुछ कर सकती है ? हम यहां पर राज्यों के चुनाव की बात नहीं कर रहे पंजाब और गोवा में आम आदमी पार्टी अच्छा करने जा रही है यह बात कई विश्वसनीय सर्वे में साबित हो चुका है गुजरात में भी आम आदमी पार्टी के पर निकल चुके हैं

अगर 2019 में अरविंद केजरीवाल को चुनौती खड़ी करनी है तो सबसे बड़ी बात यह होगी कि उन्हें बीजेपी और कांग्रेस को अपनी राजनीति के अखाड़े में उतरना होगा

मतलब यह है कि अगर केजरीवाल स्वास्थ्य शिक्षा बिजली पानी के मुद्दों पर राजनीति करते हैं और उन्हीं मुद्दों पर अगर चुनाव लड़ते हैं तो ही उनकी जीत होने की संभावना है। अगर केजरीवाल इन मुद्दों से भटक कर पाकिस्तान, हिंदू मुस्लिम, जातिवाद और धर्मवाद के मुद्दों पर उतर गए तो इन मुद्दों पर बीजेपी और कांग्रेस को हराना नामुमकिन हो जाएगा क्योंकि इतने सालों से इन्हीं मुद्दों पर बीजेपी और कांग्रेस वाले चुनाव जीत रहे हैं और ऐसी बातों पर लोगों को झूठ फैलाकर जनता को उकसाना यह उनका बहुत पुराना हुनर है।

अभी-अभी जब केजरीवाल ने पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात कही तभी यह बात खुलकर सामने आ गई कि अगर केजरीवाल पाकिस्तान की बात करेंगे तो बीजेपी उनका बयान ट्विस्ट करके उन्हें देश की जनता के सामने आसानी से देशद्रोही साबित कर सकती है। इसके लिए बीजेपी ने अपने पाले हुए मेरे हाउसों का भरपूर प्रयोग किया साथ-साथ अपनी पैसों से पलते हुए सोशल मीडिया में अपना हुनर दिखाने वाले भक्तो का भी बहुत प्रयोग किया !

दूसरी और अगर केजरीवाल गुड गवर्नेंस की बात करें तो बीजेपी और कांग्रेस बैकफुट पर नजर आते हैं! अच्छी स्वास्थ्य सेवा, अच्छी शिक्षा, सरकारी स्कूल में अच्छा कामं, किसानों को भरपूर मुआवजा, मजदूरों को अच्छी मजदूरी अगर यह सब बातें केजरीवाल उठाते हैं तो उनका जवाब देना बीजेपी और कांग्रेस के लिए बहुत ही मुश्किल हो जाता है ।

इसलिए 2019 में अगर केजरीवाल को एक चैलेंज पेश करना है तो उन्हें अपने ही अखाड़े में कांग्रेस और बीजेपी को उतार कर हराना होगा ना कि उनके जातिवाद धर्मवाद और फर्जी राष्ट्रवाद के अखाड़े में उतरकर लड़कर वह सफल हो सकते हैं।

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