Thursday, October 20, 2016

आम आदमी पार्टी : बिज़नेस फ्रेंडली या बिज़नेस विरोधी?

उद्योगपति व्यापारी और आम आदमी पार्टी : क्या आप की नीतिया उद्योग और व्यापार के विरोधी है?

23 तारीख को केजरीवाल आम आदमी पार्टी का व्यापारियों का मेनिफेस्टो पंजाब में जारी करने जा रहे हैं। इस वक्त यह सवाल उठाना लाजमी है कि क्या आम आदमी पार्टी की नीतियां व्यापारियों और उद्योगपतिओके विरुद्ध है?
यह बात जानने के लिए हमें आम आदमी पार्टी करनी क्या है यही देखना होगा
क्या आज तक आपने कभी  सुना है कि किसी राजनीतिक पार्टी ने अपना मेनीफेस्टो व्यापारियों से पूछकर बनाया है ? सामान्यत यह होता है कि कोई बड़े-बड़े लोग एक कमरे में बैठकर उनको जो अच्छा लगे वैसा मेनीफेस्टो बंद कमरे में तैयार कर देते हैं
आम आदमी पार्टी अकेली ऐसी पार्टी है जो व्यापारीओ को पुछ कर अपना मेनिफेस्टो बना रही है । दिल्ली में भी चुनाव के वक्त मेनीफेस्टो लोगों को पूछ कर बनाया गया था । व्यापारियों के बारे में जो मेनीफेस्टो था व्यापारीओ पूछकर बनाया गया था और यही बात पंजाब में की जा रही है । पंजाब के व्यापारियों को पूछकर आम आदमी पार्टी ने पंजाब का व्यापार मेनीफेस्टो बनाया है । यही मेनीफेस्टो 23 तारीख को केजरीवाल जारी करने जा रहे हैं।
इसका मतलब यह होगा कि जो अपेक्षा है उद्योगपति और व्यापारियों को आम आदमी पार्टी से, वह अपेक्षाएं इस मेनिफेस्टो में रखी गई है. गौरतलब है कि चाहे आम आदमी पार्टी के दिल्ली के काम में कितने ही अड़ंगे लगाए जाए लेकिन यह उस ने दिखा दिया है कि अपना मेनीफेस्टो वह किस कदर लागू करने को मेहनत कहती है

दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि आम आदमी पार्टी की सरकार जब दिल्ली में बन गई उसके बाद उन्होंने व्यापारियों और उद्योगपतियों के लिए क्या किया
सबसे पहले तो उन्होंने इंस्पेक्टर और रेड राज खत्म किया उन्होंने वेट की रेड पर पाबंदी लगा दी और सिर्फ इतनी हैं रेड की जो जरुरी थी । इससे छोटे व्यापारियों को अपने कामकाज में काफी राहत मिली

इसके उपरांत केजरीवाल सरकार ने व्यापारियों के वेट का सरलीकरण किया इतना ही नहीं काफी चीजों पर वेट कम किया जिससे कि दिल्ली में व्यापार बढ़ाया जा सके।

व्यापारियों उद्योगपतियों के साथ बैठकर सरकार ने अपने अधिकारियों से मिलकर काफी सारे फॉर्म्स में भी तब्दीली की । कुछेक बड़े-बड़े फॉर्म्स तो पूरे के पूरे कैंसिल हो गए इससे इज ऑफ डूइंग बिजनेस में काफी इजाफा हुआ ।

लेकिन इन सब में जो सबसे बड़ी बात आती है वह यह है कि आम आदमी पार्टी की सरकार कोई बहरी सरकार नहीं है । वह व्यापारियों और उद्योगपतियों के साथ संवाद में रहती है । इस बात का प्रमाण यह है कि जब आम आदमी पार्टी की सरकार का बजट आया तब उन्होंने कुछेक चीजों पर वेट में  बढ़ोतरी की । व्यापारी इन  से सहमत नहीं थे और उन्होंने तुरंत अपना पक्ष जाकर मुख्यमंत्री के पास रखा मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और उन्हें भी उनकी बात सही लगी।

कोई दूसरी पार्टी की सरकार होती तो यह बोलती कि आपकी बात सही है लेकिन हम अगले साल इस पर गौर करेंगे । लेकिन केजरीवाल सरकार इतनी बिजनेस फ्रेंडली है कि उसने अपनी वेट की बढ़ोतरी व्यापारियों की बात सुनने के 24 घंटे के अंदर अंदर वापस ले ली ! शायद ऐसा आजाद भारत के इतिहास में पहली बार हुआ होगा

अगर आप एक व्यापारी या उद्योगपति हैं तो आप ही सोचिए कि ऐसी पार्टी कहां मिलेगी जो
आपको पूछ कर अपना मेनिफेस्टो बनाए, आपको पूछ कर अपने कायदे कानून बनाए, आपको पूछ कर अपना वेट कानून संशोधन करें, आपको पूछ कर इंस्पेक्टर राज का खात्मा करें, आपको पूछ कर रेड राज बंद करें,  आपको पूछ कर लंबे चौड़े फॉर्म्स कैंसिल कर दे, आपको पूछ कर अपना बजट बनाए और आपको ही पूछ कर तुरंत अगर उस में कुछ कमी रह गई है तो बदलाव करे !!

 यह काम सिर्फ और सिर्फ आम आदमी पार्टी ही कर सकती है इसलिए आम आदमी पार्टी की नीतियां और उसका कामकाज यह स्पष्ट दिखाते हैं कि आम आदमी पार्टी जैसी बिजनेस फ्रेंडली पार्टी दूसरी कोई नहीं है।

हमने यहां पर जो बातें लिखी वह कोई कही सुनाई बात नहीं है । इस बातों को अगर आप भी डिटेल में पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करके जरूर पढ़ सकते हैं

http://m.hindustantimes.com/delhi/live-delhi-budget-to-be-tabled-today-aap-may-cut-vat/story-Ajdhs1AubWkdFJcQbp4c4N.html

http://indianexpress.com/article/cities/delhi/after-protests-by-traders-aap-govt-to-roll-back-vat-on-low-cost-footwear-textiles/

http://www.dnaindia.com/india/report-unnecessary-raids-on-traders-to-stop-delhi-cm-arvind-kejriwal-2063879
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